About Us
Uttarakhand Gramin Bank
Established on 1 November 2012 under the Regional Rural Banks Act, 1976, Uttarakhand Gramin Bank was formed through the amalgamation of Uttaranchal Gramin Bank and Nainital Almora Kshetriya Gramin Bank. Sponsored by the State Bank of India, the bank is committed to providing accessible, reliable, and inclusive banking services across the state.
Today, Uttarakhand Gramin Bank serves individuals, farmers, entrepreneurs, self-help groups, and businesses by combining trusted banking practices with modern digital solutions. From the plains to the Himalayan villages, the bank continues to strengthen financial inclusion and support sustainable economic growth across Uttarakhand.
Our Vision
To become Uttam bank of Uttarakhand State by enriching lives of Uttarakhand people by delivering customer-focused services with transparency and competency.
Our Mission
Dedicated to deliver innovative financial solutions, personalized service, and committed to all around financial inclusion, to serve the last mile citizen of Uttarakhand.
Our Values
Building long-term relationships based on trust, transparency, and a deep understanding of financial needs, emotional well-being & cultural values of the people of Uttarakhand.
अध्यक्ष की कलम से
प्रिय साथियों,
मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 बैंक के लिए उल्लेखनीय प्रगति और महत्वपूर्ण उपलब्धियों का वर्ष रहा है । इस वर्ष बैंक ने उत्कृष्ठ सेवा के साथ-साथ विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाये हैं । सुविचारित योजनाओं, डिजिटल पहल और मजबूत क्रियान्वित नीतियों ने बैंक को विकास की नयी ऊँचाइयों तक पहुंचाया है ।
वित्तीय वर्ष 2025-26 की कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं :
- इस वर्ष DFS तथा NABARD के माध्यम से हमारे बैंक को नए लोगो की प्राप्ति हुई है ।
- बैंक द्वारा परिचालन लाभ 147.62 करोड़ तथा रु० 83.79 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया गया है ।
- दिनांक 31.03.2026 की तिथि पर बैंक का व्यवसाय 10.38% प्रतिशत की वृद्धि दर से रु० 14403.68 करोड़ रहा, जिसमे जमा रु० 9118.87 करोड़ (7.65% प्रतिशत वृद्धि) तथा ऋण रु० 5284.06 करोड़ (15.42% प्रतिशत वृद्धि) है ।
- बैंक का कुल कृषि ऋण वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17.74% की वृद्धि से बढ़कर रु० 818.36 करोड़ हो गया है ।
- बैंक का कुल एमएसएमई ऋण 25.15% की वृद्धि से बढ़कर रु० 1750.34 करोड़ हो गया है ।
- 31.03.2026 को बैंक के कुल ऋण के सापेक्ष सकल अनर्जक आस्तियों का प्रतिशत 31.03.2025 के 3.07 प्रतिशत रहा ।
- बैंक द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में लक्ष्य प्राप्ति के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में कुल 295 लाभार्थियों को रु० 5.90 करोड़ दावा राशि एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में कुल 81 लाभार्थियों को रु० 1.62 करोड़ दावा राशि का भुगतान अदा किया गया ।
- बैंक द्वरा अपनी प्रथम “कॉफ़ी टेबल बुक: Beyond the Summits” का विमोचन किया गया ।
- इस वित्तीय वर्ष में बैंक द्वारा 8 नयी शाखाओं का उद्घाटन किया गया ।
- वित्तीय समावेशन के तहत 95 ब्लाकों में ब्लॉक स्तर कार्यक्रम आयोजित किए गए ।
- 32 शाखाओं एवं केंद्रीय प्रसंस्करण सेल का आधुनिकीकरण कर ग्राहक अनुभव में सुधार हेतु प्रयास किये गये ।
- बैंक ने इस वित्तीय वर्ष में प्रधान कार्यालय के नए भवन में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया ।
- बैंक को एक नए क्षेत्रीय कार्यालय, हरिद्वार हेतु लाइसेंस प्राप्त हुआ ।
- ट्रेन, बस , एवं एअरपोर्ट ट्राली जैसे विभिन्न माध्यमों पर प्रचार-प्रसार द्वारा बैंक की दृश्यता बनायीं ।
- टीम भावना को बढ़ावा देने के उदेश्य से कर्मचारी सहभागिता गतिविधियों जैसे की क्रिकेट टूर्नामेंट, होली उत्सव, दिवाली उत्सव, महिला दिवस, “नवचेतना” जो कि महिला शाखा प्रबन्धकों के लिए एक प्रेरक सत्र रहा, आदि का आयोजन किया गया ।
- बैंक की शाखाओं द्वारा विभिन्न “कम्युनिटी कनेक्ट” कार्यक्रम आयोजित किए गए जैसे मेहँदी कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक बैठकें आदि कराये गए ।
- बैंक द्वारा कार्मिक कल्याण की दृष्टि से एक नयी पहल सेतु की शुरुआत की गयी, एक ऐसा कार्यक्रम जो हमारे बैंक को और अधिक सहियोगी, संवेदनशील, प्रेरनादायी कार्यस्थल बनाने क लिए समर्पित है ।
- वित्तीय समावेशन को तकनीकी के साथ जोड़ते हुए बैंक द्वारा अपने सभी 624 CSP’s को POS डिवाइस उपलब्ध करायी गयी ।
यह उपलब्धियां एक सहयोगी प्रयास का परिणाम है ।
मुझे विश्वास है की हम सभी के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड ग्रामीण बैंक आने वाले समय में और भी अधिक विकसित बनेगा ।
मै समस्त ग्राहकों, राज्य की जनता, बैंक कर्मियों, बैंक निदेशक मंडल, भारतीय रिज़र्व बैंक, नाबार्ड तथा प्रायोजक बैंक स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए धन्यवाद प्रेषित करता हूँ ।
आइए, हम सब मिलकर आने वाले वर्षों में और भी बड़ी उपलब्धियों के लिए सतत प्रयास करते हुए अपनी सेवाओं को और भी अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाएं ।
शुभकामनाओं एवं आभार सहित!